1: A man is but the
product of his thoughts what he thinks, he becomes.
व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता है.
2: A small body of
determined spirits fired by an unquenchable faith in their mission can alter
the course of history.
अपने प्रयोजन में दृढ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल
सकता है.
3: Always aim at complete
harmony of thought and word and deed. Always aim at purifying your thoughts and
everything will be well.
हमेशा अपने विचारों, शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें. हमेशा अपने विचारों को
शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा.
4: An eye for an eye only
ends up making the whole world blind.
आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी.
5: An ounce of practice
is worth more than tons of preaching.
थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है.
6: Be the change that you
want to see in the world.
खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं.
7: Faith… must be
enforced by reason… when faith becomes blind it dies.
विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता
है.
8: First they ignore you,
then they laugh at you, then they fight you, then you win.
पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर
वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत
जायेंगे.
9. Freedom is not worth
having if it does not connote freedom to err.
जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है.
10. Happiness is when what
you think, what you say, and what you do are in harmony.
ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों.
11: Silence is the
strongest speech. Slowly and gradually world will listen to you.
मौन सबसे सशक्त भाषण है. धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी.
12: A ‘No’ uttered from the
deepest conviction is better than a ‘Yes’ merely uttered to please, or worse,
to avoid trouble.
पूर्ण धारणा के साथ बोला गया “नहीं” सिर्फ दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए “हाँ” से बेहतर है.
13: All the religions of the
world, while they may differ in other respects, unitedly proclaim that nothing
lives in this world but Truth.
विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं
कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता है.
14: An error does not become
truth by reason of multiplied propagation, nor does truth become error because
nobody sees it.
कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती और ना ही कोई सत्य इसलिए
त्रुटी नहीं बन सकता है क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा.
15: Anger and intolerance are
the enemies of correct understanding.
क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं.
16: Capital as such is not evil;
it is its wrong use that is evil. Capital in some form or other will always be
needed.
पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई
है. किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी.
17: Confession of errors is like
a broom which sweeps away the dirt and leaves the surface brighter and clearer.
अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के समान है जो सतह को चमकदार और साफ़ कर
देती है.
18: Constant development is the
law of life, and a man who always tries to maintain his dogmas in order to
appear consistent drives himself into a false position.
निरंतर विकास जीवन का नियम है, और जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार
रखने की कोशिश करता है वो खुद को गलत स्थिति में पंहुचा देता है.
19: Even if you are a minority
of one, the truth is the truth.
यद्यपि आप अल्पमत में हों, पर सच तो सच है.
20: Everyone who wills can hear
the inner voice. It is within everyone.
जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है. वह सबके भीतर है.
21: Glory lies in the attempt to
reach one’s goal and not in reaching it.
गर्व लक्ष्य को पाने के लिए किये गए प्रयत्न में निहित है, ना कि उसे पाने
में.
22: I am prepared to die, but
there is no cause for which I am prepared to kill.
मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ.
23: I believe in equality
for everyone, except reporters and photographers.
मैं सभी की समानता में विश्वास रखता हूँ, सिवाय पत्रकारों और
फोटोग्राफरों की.
24: Truth stands, even if
there be no public support. It is self-sustained.
सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है. वह आत्मनिर्भर है.
25: Truth never damages a
cause that is just.
सत्य कभी भी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचता जो उचित हो.
26: My religion is based
on truth and non-violence. Truth is my God. Non-violence is the means of
realising Him.
मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है. सत्य मेरा भगवान है. अहिंसा उसे पाने
का साधन.
27: My life is my message.
मेरा जीवन मेरा सन्देश है.
28: Where there is love
there is life.
जहाँ प्रेम है वहां जीवन है.
29: Live as if you were to
die tomorrow. Learn as if you were to live forever.
ऐसे जियो जैसे कि तुम कल मरने वाले हो. ऐसे सीखो की तुम हमेशा के लिए जीने
वाले हो.
30: When I despair, I
remember that all through history the way of truth and love have always won.
There have been tyrants and murderers, and for a time, they can seem
invincible, but in the end, they always fall. Think of it–always.
जब मैं निराश होता हूँ, मैं याद कर लेता हूँ कि समस्त इतिहास के दौरान सत्य और प्रेम के मार्ग की ही
हमेशा विजय होती है. कितने ही तानाशाह और हत्यारे हुए हैं, और कुछ समय के लिए
वो अजेय लग सकते हैं, लेकिन अंत में उनका पतन होता है. इसके बारे में सोचो- हमेशा.
31: Seven Deadly Sins:
Wealth without work;Pleasure without conscience;Science without
humanity;Knowledge without character;Politics without principle;Commerce
without morality;Worship without sacrifice.
सात घनघोर पाप: काम के बिना धन; अंतरात्मा के बिना सुख; मानवता के बिना विज्ञान; चरित्र के बिना ज्ञान; सिद्धांत के बिना राजनीति; नैतिकता के बिना व्यापार; त्याग के बिना पूजा.
32: God has no religion.
भगवान का कोई धर्म नहीं है.
33: I will not let anyone
walk through my mind with their dirty feet.
मैं किसी को भी अपने गंदे पाँव के साथ मेरे मन से नहीं गुजरने दूंगा.
34: Hate the sin, love the
sinner.
पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो.
35: The world has enough
for everyone’s need, but not enough for everyone’s greed.
दुनिया हर किसी की ‘नीड’ के लिए पर्याप्त है, लेकिन हर किसी की ‘ग्रीड’ के लिए नहीं.
36: Prayer is not asking.
It is a longing of the soul. It is daily admission of one’s weakness. It is
better in prayer to have a heart without words than words without a heart.
प्रार्थना माँगना नहीं है.यह आत्मा की लालसा है. यह हर रोज अपनी कमजोरियों की
स्वीकारोक्ति है. प्रार्थना में बिना वचनों के मन लगाना, वचन होते हुए मन ना
लगाने से बेहतर है.
37: To give pleasure to a
single heart by a single act is better than a thousand heads bowing in prayer.
एक कृत्य द्वारा किसी एक दिल को ख़ुशी देना, प्रार्थना में झुके हज़ार सिरों
से बेहतर है.
38: The best way to find
yourself is to lose yourself in the service of others.
स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है स्वयं को औरों की सेवा में डुबो देना.
39: Your beliefs become
your thoughts, Your thoughts become your words, Your words become your actions,
Your actions become your habits, Your habits become your values, Your values
become your destiny.
आपकी मान्यताएं आपके विचार बन
जाते हैं, आपके विचार आपके शब्द बन जाते हैं, आपके शब्द आपके कार्य बन जाते हैं, आपके कार्य आपकी आदत बन जाते हैं, आपकी आदतें आपके मूल्य बन जाते हैं, आपके मूल्य आपकी नीयति बन जाती है.
40: The future depends on
what you do today.
आप आज जो करते हैं उसपर भविष्य निर्भर करता है.
41: Man often becomes what
he believes himself to be. If I keep on saying to myself that I cannot do a
certain thing, it is possible that I may end by really becoming incapable of
doing it. On the contrary, if I have the belief that I can do it, I shall
surely acquire the capacity to do it even if I may not have it at the
beginning.
आदमी अक्सर वो बन जाता है जो वो होने में यकीन करता है. अगर मैं खुद से यह
कहता रहूँ कि मैं फ़लां चीज नहीं कर सकता, तो यह संभव है कि मैं शायद
सचमुच वो करने में असमर्थ हो जाऊं. इसके विपरीत, अगर मैं यह यकीन करूँ कि मैं ये
कर सकता हूँ, तो मैं निश्चित रूप से उसे करने की क्षमता पा लूँगा, भले ही शुरू में
मेरे पास वो क्षमता ना रही हो.
42: Let the first act of
every morning be to make the following resolve for the day: – I shall not fear
anyone on Earth. – I shall fear only God. – I shall not bear ill will toward
anyone. – I shall not submit to injustice from anyone. – I shall conquer
untruth by truth. And in resisting untruth, I shall put up with all suffering.
चलिए सुबह का पहला काम ये करें कि इस दिन के लिए संकल्प करें कि- मैं दुनिया
में किसी से डरूंगा नहीं. -मैं केवल भगवान से डरूं. -मैं किसी के प्रति बुरा भाव
ना रखूं. -मैं किसी के अन्याय के के समक्ष झुकूं नहीं. -मैं असत्य को सत्य से
जीतूँ. और असत्य का विरोध करते हुए, मैं सभी कष्टों को सह सकूँ.
43: You must not lose
faith in humanity. Humanity is like an ocean; if a few drops of the ocean are
dirty, the ocean does not become dirty.
आप मानवता में विश्वास मत खोइए. मानवता सागर की तरह है; अगर सागर की कुछ
बूँदें गन्दी हैं,
तो सागर गन्दा नहीं हो जाता.
44: The greatness of a
nation and its moral progress can be judged by the way its animals are treated.
एक देश की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से आँका जा सकता है कि वहां
जानवरों से कैसे व्यवहार किया जाता है.
45: Each night, when I go
to sleep, I die. And the next morning, when I wake up, I am reborn.
हर रात, जब मैं सोने जाता हूँ, मैं मर जाता हूँ. और अगली सुबह, जब मैं उठता हूँ, मेरा पुनर्जन्म
होता है.
46: Whatever you do will
be insignificant, but it is very important that you do it.
तुम जो भी करोगे वो नगण्य होगा, लेकिन यह ज़रूरी है कि तुम वो
करो.
47: What difference does
it make to the dead, the orphans and the homeless, whether the mad destruction
is wrought under the name of totalitarianism or in the holy name of liberty or
democracy?
मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता
या लोकतंत्र के पवित्र नाम पर लायी जाती है?
48: To believe in
something, and not to live it, is dishonest.
किसी चीज में यकीन करना और उसे ना जीना बेईमानी है.
49: There are people in
the world so hungry, that God cannot appear to them except in the form of
bread.
दुनिया में ऐसे लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान उन्हें किसी और रूप में
नहीं दिख सकता सिवाय रोटी के रूप में.
50: Nobody can hurt me
without my permission.
मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा सकता.
51: It is unwise to be too
sure of one’s own wisdom. It is healthy to be reminded that the strongest might
weaken and the wisest might err.
अपने ज्ञान पर ज़रुरत से अधिक यकीन करना मूर्खता है. यह याद दिलाना ठीक होगा
कि सबसे मजबूत कमजोर हो सकता है और सबसे बुद्धिमान गलती कर सकता है.
52: Whenever you are
confronted with an opponent. Conquer him with love.
जब भी आपका सामना किसी विरोधी से हो. उसे प्रेम से जीतें.
53: I object to violence
because when it appears to do good, the good is only temporary; the evil it
does is permanent.
मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा लगता है कि वो अच्छा कर रही है तब
वो अच्छाई अस्थायी होती है; और वो जो बुराई करती है वो स्थायी होती है.
54: You can chain me, you
can torture me, you can even destroy this body, but you will never imprison my
mind.
आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, यहाँ तक की आप इस
शरीर को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन आप कभी मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते.
55: You may never know
what results come of your actions, but if you do nothing, there will be no
results.
हो सकता है आप कभी ना जान सकें कि आपके काम का क्या परिणाम हुआ, लेकिन यदि आप कुछ
करेंगे नहीं तो कोई परिणाम नहीं होगा.
56: Love is the strongest
force the world possesses and yet it is the humblest imaginable.
प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम जिसकी भी कल्पना कर सकते हैं
उसमे ये सबसे नम्र है.
57: There is more to life
than simply increasing its speed.
जीवन की गति बढाने के अलावा भी इसमें बहुत कुछ है.
58: You don’t know who is
important to you until you actually lose them.
आप तब तक यह नहीं समझ पाते की आपके लिए कौन महत्त्वपूर्ण है जब तक आप उन्हें
वास्तव में खो नहीं देते.
59: There is nothing that
wastes the body like worry, and one who has any faith in God should be ashamed
to worry about anything whatsoever.
चिंता से अधिक कुछ और शरीर को इतना बर्बाद नहीं करता, और वह जिसे ईश्वर
में थोडा भी यकीन है उसे किसी भी चीज के बारे में चिंता करने पर शर्मिंदा होना
चाहिए.
60: I offer you peace. I
offer you love. I offer you friendship. I see your beauty. I hear your need. I
feel your feelings.
मैं तुम्हे शांति का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हे प्रेम का प्रस्ताव देता
हूँ. मैं तुम्हारी सुन्दरता देखता हूँ. मैं तुम्हारी आवश्यकता सुनता हूँ. मैं
तुम्हारी भावना महसूस करता हूँ.
61: What we are doing to
the forests of the world is but a mirror reflection of what we are doing to
ourselves and to one another.
हम जो दुनिया के जंगलों के साथ कर रहे हैं वो कुछ और नहीं बस उस चीज का
प्रतिबिम्ब है जो हम अपने साथ और एक दूसरे के साथ कर रहे हैं.
62: Truth is one, paths
are many.
सत्य एक है,
मार्ग कई.
63: In doing something, do
it with love or never do it at all.
कुछ करने में ,
या तो उसे प्रेम से करें या उसे कभी करें ही नहीं.
64: There is no ‘way to
peace,’ there is only ‘peace.
शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है.
65: The day the power of
love overrules the love of power, the world will know peace.
जिस दिन प्रेम की शक्ति, शक्ति के प्रति प्रेम पर हावी हो जायेगी, दुनिया में अमन आ जायेगा.
66: Strength does not come from
physical capacity. It comes from an indomitable will.
शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं आती है। ये अदम्य इच्छा शक्ति से पैदा होती है.
67: It is easy enough to be
friendly to one’s friends. But to befriend the one who regards himself as your
enemy is the quintessence of true religion.
किसी मित्र के साथ मित्रतापूर्ण होना आसान है. लेकिन जो आपको शत्रु समझता है
उसके साथ मित्रतापूर्ण होना सच्चे धर्म का सार है.
68: Action expresses priorities.
प्रक्रिया प्राथमिकता व्यक्त करती हैं.
69: To call woman the weaker sex
is a libel; it is man’s injustice to woman.
महिला को वीकर सेक्स कहना अपमान है; ये आदमी का औरत के प्रति किया
गया अन्याय है.
70: It’s the action, not the
fruit of the action, that’s important. You have to do the right thing. It may
not be in your power that there’ll be any fruit. But that doesn’t mean you stop
doing the right thing.
ये कर्म है,
ना कि कर्म का फल जो महत्वपूर्ण है. आपको सही चीज करनी है. हो सकता है ये आपके
बस में ना हो कि कोई फल मिलेगा. लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप सही चीज करना छोड़
दें.
71: If I had no sense of humor,
I would long ago have committed suicide.
अगर मेरे अन्दर कोई सेंस ऑफ़ ह्यूमर नहीं होता तो मैं बहुत पहले आत्महत्या कर
चुका होता.
72: The simplest acts of
kindness are by far more powerful then a thousand heads bowing in prayer.
दयालुता का छोटा सा कार्य प्रार्थना में झुके हज़ारों सरों से अधिक शक्तिशाली
है.
73: They cannot take away our
self respect if we do not give it to them.
वे हमारा आत्म-सम्मान नहीं ले सकते अगर हम उन्हें इसे दे ना.
74: A coward is incapable of
exhibiting love; it is the prerogative of the brave.
एक कायर प्रेम प्रदर्शित करने में असमर्थ है, ये तो बहादुरों का विशेषाधिकार
है.
75: Silence becomes cowardice
when occasion demands speaking out the whole truth and acting accordingly.
मौन तब कायरता बन जाता है जब परिस्थिति की मांग पूरा सच बता देने और उसी
अनुसार कार्य करने की होती है.
76: In a gentle way, you can
shake the world.
एक विनम्र तरीके से, आप पूरी दुनिया को हिला सकते हैं.
77: To my mind, the life of a
lamb is no less precious than that of a human being.
मेरे विचार से,
एक मेमने का जीवन मनुष्य के जीवन से कम मूल्यवान नहीं है.
78: There is no school equal to
a decent home and no teacher equal to a virtuous parent.
एक सभ्य घर के बराबर कोई विद्यालय नहीं है और एक भले अभिभावक जैसा कोई शिक्षक
नहीं है.
79: I call him religious who
understands the suffering of others.
मैं उसे धार्मिक कहता हूँ जो दूसरों का दर्द समझता है.
80: Seek not greater wealth, but
simpler pleasure; not higher fortune, but deeper felicity.
अधिक संपत्ति नहीं बल्कि सरल आनंद को खोजें; बड़े भाग्य नहीं बल्कि परम सुख
को खोजें.
81: I believe in the fundamental
truth of all great religions of the world.
मैं दुनिया के सभी महान धर्मों की मूलभूत सच्चाई पर विश्वास करता हूं।
82: Speak only if it improves
upon the silence.
तभी बोलो जब वो मौन से बेहतर हो.
83: Poverty is the worst form of
violence.
गरीबी हिंसा का सबसे बुरा रूप है.
84: My imperfections and
failures are as much a blessing from God as my successes and my talents and I
lay them both at his feet.
मेरे दोष और मेरी असफलताएं भगवान् के उतने बड़े ही आशीर्वाद हैं जितनी की मेरे
सफलताएं और मेरी प्रतिभा और मैं इन दोनों को उनके चरणों में रखता हूँ.
85: Yes I am, I am also a
Muslim, a Christian, a Buddhist, and a Jew.
हां, मैं एक मुस्लिम, एक ईसाई, एक बौद्ध और एक यहूदी भी हूं.
86: Each one has to find his
peace from within. And peace to be real must be unaffected by outside
circumstances.
हर इंसान को अपनी शान्ति अपने अन्दर खोजनी होगी. और शांति वास्तविक होने के
लिए बाहरी परिस्थितयों से अप्रभावित होनी चाहिए.
87: There are many causes I
would die for. There is not a single cause I would kill for.
ऐसे बहुत से कारण हैं जिनके लिए मैं मर जाऊँगा. लेकिन ऐसा एक भी कारण नहीं है
जिसके लिए मैं मारूंगा.
88: Our ability to reach unity
in diversity will be the beauty and the test of our civilisation.
विविधता में एकता प्राप्त करने की हमारी क्षमता हमारी सभ्यता की सुन्दरता और
परीक्षा होगी.
89: If we are to reach real
peace in the world, we shall have to begin with the children.
अगर हम दुनिया में वास्तविक शांति चाहते हैं, तो हमें इसकी शुरुआत बच्चों से
करनी होगी.
90: It is wrong and immoral to
seek to escape the consequences of one’s acts.
अपने कर्म के फलों से बचने की कोशिश करना गलत और अनैतिक है.
91: (When asked what he thought
of Western civilization): ‘I think it would be a good idea.
जब पूछा गया कि वे पश्चिमी सभ्यता के बारे में क्या सोचते हैं): ‘मुझे लगता है कि यह
एक अच्छा विचार होगा.
92: Prayer is not an old woman’s
idle amusement. Properly understood and applied, it is the most potent
instrument of action.
प्राथना किसी बूढ़ी औरत का बेकार का मनोरंजन नहीं है. सही से समझा और लागू किया
जाए, तो ये कर्म का सबसे सशक्त साधन है.
93: The weak can never forgive.
Forgiveness is the attribute of the strong.
कमजोर कभी क्षमा नहीं कर सकता. क्षमाशीलता बलवानो का गुण है.
94: It is easier to build a boy
than to mend a man.
एक आदमी को सुधारने की तुलना में एक लड़के को बनाना आसान है.
95: Live simply so that others
may simply live.
सरलता के साथ जिएं ताकि बाकी लोग बस जी सकें.
96: The greatness of humanity is
not in being human, but in being humane.
मानवता की महानता मानव होने में नहीं है, बल्कि मानवीय होने में है.
97: Though we may know Him by a
thousand names, He is one and the same to us all.
हालांकि हम उसे हज़ारों नामों से जानते हैं, वो हम सब के लिए एक समान है.
98: The only tyrant I accept in
this world is the ‘still small voice’ within me.
एकमात्र तानशाह जिसे मैं स्वीकार करता हूँ वो है मेरे अन्दर की ‘स्थिर छोटी सी
आवाज़.
99: Satisfaction lies in the
effort, not in the attainment. Full effort is full victory.
संतोष प्रयस में निहित है, प्राप्ति में नहीं. पूर्ण प्रयास पूर्ण विजय है.
100: You cannot shake hands with
a clenched fist.
आप बंद मुट्ठी से हाथ नहीं मिला सकते हैं.
101: Where love is, there
God is also.
जहाँ प्रेम है,
वहां ईश्वर है.
--------------------------------------------------------------------------------------------------------
व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वही
बन जाता है।~ महात्मा गाँधी
मेरा जीवन मेरा सन्देश है।~ महात्मा गाँधी
एक कायर प्यार का प्रदर्शन करने में असमर्थ होता है, प्रेम बहादुरों का विशेषाधिकार है। ~ महात्मा गाँधी
मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा
भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन।~ महात्मा गाँधी
कर्म प्राथमिकताओं को व्यक्त करता है।~ महात्मा गाँधी
किसी चीज में यकीन करना और उसे ना जीना बेईमानी है।~ महात्मा गाँधी
राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना देश की
उन्नति के लिए आवश्यक है। ~ महात्मा गाँधी
पृथ्वी सभी मनुष्यों की ज़रुरत पूरी करने के लिए
पर्याप्त संसाधन प्रदान करती है, लेकिन लालच पूरी करने के लिए नहीं। ~ महात्मा गाँधी
प्रेम दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति है और फिर भी हम
जिसकी कल्पना कर सकते हैं उसमे सबसे नम्र है। ~ महात्मा गाँधी
मृत, अनाथ, और बेघर को इससे क्या फर्क पड़ता है कि यह तबाही सर्वाधिकार या फिर स्वतंत्रता
या लोकतंत्र के पवित्र नाम पर लायी जाती है? ~ महात्मा गाँधी
सत्य कभी ऐसे कारण को क्षति नहीं पहुंचाता जो उचित
हो। ~ महात्मा गाँधी
आप तब तक यह नहीं समझ पाते की आपके लिए कौन
महत्त्वपूर्ण है जब तक आप उन्हें वास्तव में खो नहीं देते। ~ महात्मा गाँधी
स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है स्वयं को
औरों की सेवा में डुबो देना। ~ महात्मा गाँधी
ऐसे जियो जैसे कि तुम कल मरने वाले हो। ऐसे सीखो की
तुम हमेशा के लिए जीने वाले हो। ~ महात्मा गाँधी
एक राष्ट्र की संस्कृति उसमे रहने वाले लोगों के दिलों में और आत्मा में रहती है। ~ महात्मा गाँधी
जब मैं निराश होता हूँ, मैं याद कर लेता हूँ कि समस्त इतिहास के दौरान सत्य
और प्रेम के मार्ग की ही हमेशा विजय होती है। कितने ही तानाशाह और हत्यारे हुए हैं, और कुछ समय के लिए वो अजेय लग सकते हैं, लेकिन अंत में उनका पतन होता है। इसके बारे में सोचो-
हमेशा। ~ महात्मा गाँधी
जहाँ प्रेम है वहां जीवन है। ~ महात्मा गाँधी
अपने प्रयोजन में दृढ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल सकता है। ~ महात्मा गाँधी
सत्य बिना जन समर्थन के भी खड़ा रहता है, वह आत्मनिर्भर है। ~ महात्मा गाँधी
एक देश की महानता और नैतिक प्रगति को इस बात से आँका
जा सकता है कि वहां जानवरों से कैसे व्यवहार किया जाता है। ~ महात्मा गाँधी
विश्वास करना एक गुण है, अविश्वास दुर्बलता कि जननी है। ~ महात्मा गाँधी
मैं सभी की समानता में विश्वास रखता हूँ, सिवाय पत्रकारों और फोटोग्राफरों के। ~ महात्मा गाँधी
हमेशा
अपने विचारों, शब्दों और कर्म के पूर्ण सामंजस्य
का लक्ष्य रखें. हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य रखें और सब कुछ ठीक
हो जायेगा। ~ महात्मा गाँधी
मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूँ। ~ महात्मा गाँधी
आप मानवता में विश्वास मत खोइए। मानवता सागर की तरह है; अगर सागर की कुछ बूँदें गन्दी हैं, तो सागर गन्दा नहीं हो जाता। ~ महात्मा गाँधी
एक
धर्म जो व्यावहारिक मामलों के कोई दिलचस्पी नहीं लेता है और उन्हें हल करने में
कोई मदद नहीं करता है वह कोई धर्म नहीं है। ~ महात्मा गाँधी
अपने प्रयोजन में द्रढ विश्वास रखने वाला एक सूक्ष्म शरीर इतिहास के रुख को बदल
सकता है। ~ महात्मा गाँधी
आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी। ~ महात्मा गाँधी
शांति का कोई रास्ता नहीं है, केवल शांति है। ~ महात्मा गाँधी
चलिए सुबह का पहला काम ये करें कि इस दिन के लिए
संकल्प करें कि- मैं दुनिया में किसी से डरूंगा। नहीं.-मैं केवल भगवान से डरूं।
मैं किसी के प्रति बुरा भाव ना रखूं। मैं किसी के अन्याय के समक्ष झुकूं नहीं। मैं
असत्य को सत्य से जीतुं। और असत्य का विरोध करते हुए, मैं सभी कष्टों को सह सकूँ। ~ महात्मा गाँधी
चिंता से अधिक कुछ और शरीर को इतना बर्बाद नहीं करता, और वह जिसे ईश्वर में थोडा भी यकीन है उसे किसी भी चीज के
बारे में चिंता करने पर शर्मिंदा होना चाहिए। ~ महात्मा गाँधी
थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है। ~ महात्मा गाँधी
गर्व लक्ष्य को पाने के लिए किये गए प्रयत्न
में निहित है, ना कि उसे पाने में। ~ महात्मा गाँधी
खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं। ~ महात्मा गाँधी
जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है। वह
सबके भीतर है। ~ महात्मा गाँधी
विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास अँधा हो जाता है तो मर जाता
है। ~ महात्मा गाँधी
यद्यपि आप अल्पमत में हों, पर सच तो सच है। ~ महात्मा गाँधी
एक कृत्य द्वारा किसी एक
दिल को ख़ुशी देना, प्रार्थना में झुके हज़ार
सिरों से बेहतर है।~ महात्मा गाँधी
पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो।~ महात्मा गाँधी
हंसी मन की गांठें बड़ी
आसानी से खोल देती है।~ महात्मा गाँधी
कुरीति के अधीन होना कायरता है, उसका विरोध करना पुरुषार्थ है।~ महात्मा गाँधी
आदमी अक्सर वो बन जाता है जो वो होने में यकीन करता
है। अगर मैं खुद से यह कहता रहूँ कि मैं फ़लां चीज नहीं कर सकता, तो यह संभव है कि मैं शायद सचमुच वो करने में असमर्थ हो
जाऊं। इसके विपरीत, अगर मैं यह यकीन करूँ कि
मैं ये कर सकता हूँ, तो मैं निश्चित रूप से
उसे करने की क्षमता पा लूँगा, भले ही शुरू में मेरे पास वो क्षमता ना रही हो।~ महात्मा गाँधी
आप आज जो करते हैं उस पर भविष्य निर्भर करता है।~ महात्मा गाँधी
तुम जो भी करोगे वो नगण्य होगा, लेकिन यह ज़रूरी है कि तुम वो करो।~ महात्मा गाँधी
अक्लमंद काम करने से पहले सोचता है और मूर्ख काम करने
के बाद।~ महात्मा गाँधी
दुनिया में ऐसे लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान
उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता सिवाय रोटी के रूप में।~ महात्मा गाँधी
पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर
हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे।~ महात्मा गाँधी
सात घनघोर पाप: काम के बिना धन;अंतरात्मा के बिना सुख;मानवता के बिना विज्ञान;चरित्र के बिना ज्ञान;सिद्धांत के बिना राजनीति;नैतिकता के बिना व्यापार ;त्याग के बिना पूजा।~ महात्मा गाँधी
निरंतर विकास जीवन का नियम है, और जो व्यक्ति खुद को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी
रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है वो खुद को गलत स्थिति में पंहुचा
देता है।~ महात्मा गाँधी
भगवान का कोई धर्म नहीं है।~ महात्मा गाँधी
प्रार्थना माँगना नहीं है। यह आत्मा की लालसा है।
यह हर रोज अपनी कमजोरियों की स्वीकारोक्ति है। प्रार्थना में बिना वचनों के
मन लगाना, वचन होते हुए मन ना लगाने
से बेहतर है।~ महात्मा गाँधी
मैं किसी को भी गंदे पाँव के साथ अपने मन से नहीं गुजरने दूंगा।~ महात्मा गाँधी
मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा
सकता।~ महात्मा गाँधी
हर रात, जब मैं सोने जाता हूँ, मैं मर जाता हूँ। और अगली सुबह, जब मैं उठता हूँ, मेरा पुनर्जन्म होता है।~ महात्मा गाँधी
जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं है। ~ महात्मा गाँधी
अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो
धरातल की सतह को चमकदार और साफ़ कर
देती है।~ महात्मा गाँधी
हो सकता है आप कभी ना जान सकें कि आपके काम का क्या
परिणाम हुआ, लेकिन यदि आप कुछ करेंगे
नहीं तो कोई परिणाम नहीं होगा।~ महात्मा गाँधी
आप मुझे जंजीरों में जकड़ सकते हैं, यातना दे सकते हैं, यहाँ तक की आप इस शरीर को नष्ट कर सकते हैं, लेकिन आप कभी मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते।~ महात्मा गाँधी
मैं हिंसा का विरोध करता हूँ क्योंकि जब ऐसा लगता है
कि वो अच्छा कर रही है तब वो अच्छाई अस्थायी होती है; और वो जो बुराई करती है वो स्थायी होती है।~ महात्मा गाँधी
ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो
करते हैं, सामंजस्य में हों। ~ महात्मा गाँधी
पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग में ही बुराई है। किसी ना किसी रूप में
पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी।~ महात्मा गाँधी
मौन सबसे शाशाक्त भाषण है. धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी। ~ महात्मा गाँधी
आँख के बदले में आँख पूरे विश्व को अँधा बना देगी।~ महात्मा गाँधी
पूर्ण धारणा के साथ बोला गया ” नहीं” सिर्फ दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने
के लिए बोले गए “हाँ” से बेहतर है।~ महात्मा गाँधी
क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं।~ महात्मा गाँधी
विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात
पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस सत्य जीवित रहता है। ~ महात्मा गाँधी
कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती और
ना ही कोई सत्य इसलिए त्रुटी नहीं बन सकता है क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा।~ महात्मा गाँधी
कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती और ना ही कोई सत्य इसलिए
त्रुटी नहीं बन सकता है क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा। ~ महात्मा गाँधी
जो समय बचाते हैं, वे धन बचाते हैं और बचाया हुआ धन, कमाएं हुए धन के बराबर है।~ महात्मा गाँधी
क्रोध और असहिष्णुता सही समझ के दुश्मन हैं। ~ महात्मा गाँधी
केवल प्रसन्नता ही एकमात्र इत्र है, जिसे आप दुसरो पर छिड़के तो उसकी कुछ बुँदे अवश्य ही आप पर
भी पड़ती है।~ महात्मा गाँधी
पूंजी अपने-आप में बुरी नहीं है, उसके गलत उपयोग में
ही बुराई है. किसी ना किसी रूप में पूंजी की आवश्यकता हमेशा रहेगी। ~ महात्मा गाँधी
विश्व के सभी धर्म, भले ही और चीजों में अंतर रखते हों, लेकिन सभी इस बात पर एकमत हैं कि दुनिया में कुछ नहीं बस
सत्य जीवित रहता है।~ महात्मा गाँधी
अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के सामान है जो सतह को चमकदार और साफ़ कर
देती है। ~ महात्मा गाँधी
विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए. जब विश्वास
अँधा हो जाता है तो मर जाता है।~ महात्मा गाँधी
निरंतर विकास जीवन का नियम है , और जो व्यक्ति खुद
को सही दिखाने के लिए हमेशा अपनी रूढ़िवादिता को बरकरार रखने की कोशिश करता है वो खुद को गलत
इस्थिति में पंहुचा देता है। ~ महात्मा गाँधी
सत्य एक विशाल वृक्ष है, उसकी ज्यों-ज्यों सेवा की जाती है, त्यों-त्यों उसमे अनेक फल आते हुए नजर आते है, उनका अंत ही नहीं होता।~ महात्मा गाँधी
यद्यपि आप अल्पमत में हों , पर सच तो सच है।~ महात्मा गाँधी
पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हँसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे, और तब आप जीत जायेंगे।~ महात्मा गाँधी
जो भी चाहे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन सकता है. वह सबके भीतर है।~ महात्मा गाँधी
गर्व लक्ष्य को पाने के लिए किये गए प्रयत्न में
निहित है, ना कि उसे पाने में। ~ महात्मा गाँधी
ख़ुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, सामंजस्य में हों।~ महात्मा गाँधी
मैं मरने के लिए तैयार हूँ, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को
तैयार हूँ।~ महात्मा गाँधी
मौन सबसे सशक्त भाषण है, धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी।~ महात्मा गाँधी
व्यक्ति की पहचान उसके कपड़ों से नहीं अपितु उसके चरित्र से आंकी जाती है।~ महात्मा गाँधी
मैं सभी की समानता में विश्वास रखता हूँ, सिवाय पत्रकारों और फोटोग्राफरों की।~ महात्मा गाँधी
मैं तुम्हे शांति का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हे
प्रेम का प्रस्ताव देता हूँ. मैं तुम्हारी सुन्दरता देखता हूँ.मैं तुम्हारी
आवश्यकता सुनता हूँ.मैं तुम्हारी भावना महसूस करता हूँ।~ महात्मा गाँधी
हम जो दुनिया के जंगलों के साथ कर रहे हैं वो कुछ और नहीं
बस उस चीज का प्रतिबिम्ब है जो हम अपने साथ और एक दूसरे के साथ कर रहे हैं।~ महात्मा गाँधी
सत्य एक है, मार्ग कई।~ महात्मा गाँधी
कुछ करने में, या तो उसे प्रेम
से करें या उसे कभी करें ही नहीं।~ महात्मा गाँधी
हमेशा अपने विचारों, शब्दों और कर्म
के पूर्ण सामंजस्य का लक्ष्य रखें। हमेशा अपने विचारों को शुद्ध करने का लक्ष्य
रखें और सब कुछ ठीक हो जायेगा।~ महात्मा गाँधी
जिस दिन प्रेम की शक्ति, शक्ति के प्रति
प्रेम पर हावी हो जायेगी, दुनिया में अमन आ जायेगा।~ महात्मा गाँधी
क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है।~ महात्मा गाँधी
गरीबी दैवी अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षडयन्त्र है ।~ महात्मा गाँधी
थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है।~ महात्मा गाँधी
जो लोग अपनी प्रशंसा के भूखे होते हैं, वे
साबित करते हैं कि उनमें योग्यता नहीं है।~ महात्मा गाँधी
पुस्तकों का मूल्य रत्नों से भी अधिक है, क्योंकि
पुस्तकें अन्तःकरण को उज्ज्वल करती हैं।~ महात्मा गाँधी
चरित्र की शुद्धि ही सारे ज्ञान का ध्येय होनी चाहिए।~ महात्मा गाँधी
कायरता से कहीं ज्यादा अच्छा है, लड़ते-लड़ते
मर जाना।~ महात्मा गाँधी
अहिंसा ही धर्म है, वही जिंदगी का एक
रास्ता है।~ महात्मा गाँधी
आपकी मान्यताएं आपके विचार बन जाते हैं,आपके
विचार आपके शब्द बन जाते हैं,आपके शब्द आपके कार्य बन जाते हैं,आपके
कार्य आपकी आदत बन जाते हैं,आपकी आदतें आपके मूल्य बन जाते हैं, आपके
मूल्य आपकी नियति बन जाती है।~ महात्मा गाँधी
कोई भी संस्कृति जीवित नहीं रह सकती यदि वह अपने को हम दबाव
से अनुशासन नहीं सीख सकते।~ महात्मा गाँधी
प्रेम की शक्ति दण्ड की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और
स्थायी होती है।~ महात्मा गाँधी
सुख बाहर से मिलने की चीज नहीं, मगर
अहंकार छोड़े बगैर इसकी प्राप्ति भी होने वाली नहीं।
अन्य से पृथक रखने का प्रयास करे।~ महात्मा गाँधी
किसी राष्ट्र की संस्कृति उसके लोगों के दिलों और आत्माओं
में बसती है।~ महात्मा गाँधी
किसी भी देश की संस्कृति उसके लोगों के ह्रदय और आत्मा में
बसती है।~ महात्मा गाँधी
जिज्ञासा के बिना ज्ञान नहीं होता | दुःख
के बिना सुख नहीं होता।~ महात्मा गाँधी
यदि मनुष्य सीखना चाहे, तो उसकी हर भूल
उसे कुछ शिक्षा दे सकती है।~ महात्मा गाँधी
अपने ज्ञान के प्रति ज़रुरत से अधिक यकीन करना मूर्खता है।
यह याद दिलाना ठीक होगा कि सबसे मजबूत कमजोर हो सकता है और सबसे बुद्धिमान गलती कर
सकता है।~ महात्मा गाँधी
जब भी आपका सामना किसी विरोधी से हो, उसे
प्रेम से जीतें।~ महात्मा गाँधी
कुछ लोग सफलता के सपने देखते हैं जबकि अन्य व्यक्ति जागते
हैं और कड़ी मेहनत करते हैं।~ महात्मा गाँधी
वास्तविक सोन्दर्य ह्रदय की पवित्रता में है।~ महात्मा गाँधी
व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह
जो सोचता है वही बन जाता है।~ महात्मा गाँधी
अपने से हो सके, वह काम दूसरे से
न कराना।~ महात्मा गाँधी
काम की अधिकता नहीं, अनियमितता आदमी
को मार डालती है।~ महात्मा गाँधी
समाज में से धर्म को निकाल फेंकने का प्रयत्न बांझ के पुत्र
करने जितना ही निष्फल है और अगर कहीं सफल हो जाय तो समाज का उसमे नाश होता है।~ महात्मा गाँधी
शारीरिक उपवास के साथ-साथ मन का उपवास न हो तो वह दम्भपूर्ण
और हानिकारक हो सकता है।~ महात्मा गाँधी
आप नम्र तरीके से दुनिया को हिला सकते है।~ महात्मा गाँधी
मै हिंदी के जरिये प्रांतीय भाषाओं को दबाना नहीं चाहता, किन्तु
उनके साथ हिंदी को भी मिला देना चाहता हूं।~ महात्मा गाँधी
अहिंसात्मक युद्ध में अगर थोड़े भी मर मिटने वाले लड़ाके
मिलेंगे तो वे करोड़ो की लाज रखेंगे और उनमे प्राण फूकेंगे। अगर यह मेरा स्वप्न है, तो
भी यह मेरे लिए मधुर है।~ महात्मा गाँधी
विश्व इतिहास में आजादी के लिए लोकतान्त्रिक
संघर्ष हमसे ज्यादा वास्तविक किसी का नहीं रहा है। मैने जिस लोकतंत्र की कल्पना की
है, उसकी स्थापना अहिंसा से होगी। उसमे सभी को समान स्वतंत्रता
मिलेगी। हर व्यक्ति खुद का मालिक होगा।~ महात्मा गाँधी
अपनी बुद्धिमता को लेकर बेहद निश्चित होना बुद्धिमानी नहीं
है। यह याद रखना चाहिए की ताकतवर भी कमजोर हो सकता है और बुद्धिमान से भी
बुद्धिमान गलती कर सकता है।~ महात्मा गाँधी
भविष्य में क्या होगा, मै यह नहीं सोचना
चाहता। मुझे वर्तमान की चिंता है। ईश्वर ने मुझे आने वाले क्षणों पर कोई नियंत्रण
नहीं दिया है।~ महात्मा गाँधी
लम्बे-लम्बे भाषणों से कही अधिक मूल्यवान है इंच भर कदम
बढ़ाना।~ महात्मा गाँधी
भूल करने में पाप तो है ही, परन्तु उसे
छुपाने में उससे भी बड़ा पाप है।~ महात्मा गाँधी
प्रार्थना या भजन जीभ से नहीं ह्रदय से होता है। इसी से
गूंगे, तोतले और मूढ भी प्रार्थना कर सकते है।~ महात्मा गाँधी
गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती है। वह तो केवल
अपनी ख़ुशी बिखेरता है। उसकी खुशबु ही उसका संदेश है।~ महात्मा गाँधी
जीवन की गति बढाने के अलावा भी इसमें बहुत कुछ है।~ महात्मा गाँधी
जब तक गलती करने की स्वतंत्रता ना हो तब तक स्वतंत्रता का
कोई अर्थ नहीं है।~ महात्मा गाँधी
पूर्ण धारणा के साथ बोला गया “नहीं” सिर्फ
दूसरों को खुश करने या समस्या से छुटकारा पाने के लिए बोले गए “हाँ” से
बेहतर है।~ महात्मा गाँधी
श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास और आत्मविश्वास
का अर्थ है ईश्वर में विश्वास।~ महात्मा गाँधी
हम जिसकी पूजा करते है उसी के समान हो जाते है।~ महात्मा गाँधी
खुद वो बदलाव बनिए जो दुनिया में आप देखना चाहते हैं।~ महात्मा गाँधी
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें