1 : अगर औरते
नहीं होती तो इस दुनिया की सारी दौलत बेमानी होती।
2 : एक
निश्चित बिंदु के बाद, पैसे का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
3 : किसी मनुष्य
का स्वभाव ही उसे विश्वसनीय बनाता है, न कि उसकी
सम्पत्ति।
4 : दोस्तों
के बिना कोई भी जीना नहीं चाहेगा, चाहे उसके पास बाकि सब कुछ हो।
5 : मित्र का
सम्मान करो, पीठ पीछे उसकी प्रशंसा करो, और
आवश्यकता पड़ने पर उसकी सहायता करो।
6 : मनुष्य
स्वभाव से एक राजनीतिक जानवर है।
7 : कोई भी उस
व्यक्ति से प्रेम नहीं करता जिससे वो डरता है।
8 : बुरे
व्यक्ति पश्चाताप से भरे होते हैं।
9 : डर बुराई
की अपेक्षा से उत्पन्न होने वाला दर्द है।
10 : जो सभी का
मित्र होता है वो किसी का मित्र नहीं होता है।
11 : खुशी हम
पर निर्भर करती है।
12 : संकोच
युवाओं के लिए एक आभूषण है, लेकिन बड़ी उम्र के लोगों के लिए धिक्कार।
13 : मनुष्य
प्राकृतिक रूप से ज्ञान कि इच्छा रखता है।
14 : मनुष्य के
सभी कार्य इन सातों में से किसी एक या अधिक वजहों से होते हैं: मौका, प्रकृति, मजबूरी, आदत, कारण, जुनून, इच्छा।
15 : चरित्र को
हम अपनी बात मनवाने का सबसे प्रभावी माध्यम कह सकते हैं।
16 : सभी
भुगतान युक्त नौकरियां दिमाग को अवशोषित और अयोग्य बनाती हैं।
17 : प्रकृति
की सभी चीजों में कुछ ना कुछ अद्रुत है।
18 : आलोचना से
बचने का एक ही तरीका है : कुछ मत करो, कुछ मत
कहो और कुछ मत बनों।
19 : मनुष्य
अपनी सबसे अच्छे रूप में सभी जीवों में सबसे उदार होता है, लेकिन यदि कानून और न्याय न हो तो वो सबसे खराब बन जाता है।
20 : अच्छा
व्यवहार सभी गुणों का सार है।
21 : अच्छी
शुरुआत से आधा काम हो जाता है।
22 : शिक्षा
बुढ़ापे के लिए सबसे अच्छा प्रावधान है।
23 : उत्कृष्टता
वो कला है जो प्रशिक्षण और आदत से आती है। हम इस लिए सही कार्य नहीं करते कि हमारे
अन्दर अच्छाई या उत्कृष्टता है, बल्कि वो हमारे अन्दर इसलिए हैं
क्योंकि हमने सही कार्य किया है। हम वो हैं जो हम बार बार करते हैं, इसलिए उत्कृष्टता कोई कार्य नहीं बल्कि एक आदत है।
24 : अपने
दुश्मनों पर विजय पाने वाले की तुलना में मैं उसे शूरवीर मानता हूं जिसने अपनी
इच्छाओं पर विजय प्राप्त कर ली है; क्योंकि सबसे कठिन विजय अपने आप
पर विजय होती है।
25 : कोई भी
क्रोधित हो सकता है- यह आसान है, लेकिन सही व्यक्ति से सही
सीमा में सही समय पर और सही उद्देश्य के साथ सही तरीके से क्रोधित होना सभी के बस
कि बात नहीं है और यह आसान नहीं है।
26 : शिक्षा की
जड़ें कड़वी होती है लेकिन फल मीठे होते है।
27 : अपने आप
को जानना ही ज्ञान की शुरुआत है।
28 : हम वो है जो
हम बार बार करते है। उत्कृष्टता कोई तरीका नहीं बल्कि आदत है।
29 : लोकतंत्र
तब है जब किसी अमीर की जगह कोई गरीब देश का शासक हो।
30 : एक दोस्त
क्या है? दो शरीर में रहने वाली एक आत्मा।
31 : शिक्षित
मन की यह पहचान है की वो किसी भी विचार को स्वीकार किए बिना उसके साथ सहज रहे।
32 : आशा जागते
हुए देखा गया स्वप्न है।
33 : प्रसन्नता
स्वयं हमारे ऊपर निर्भर करती है।
34 : हमारे
जीवन के गहनतम अंधकार के वक़्त हमें अपना ध्यान रोशनी देखने पर केंद्रित करना
चाहिए।
35 : बिना
पागलपन के स्पर्श के किसी भी महान दिमाग का अस्तित्व नहीं होता है।
36 : सीखना कोई
बच्चों का खेल नहीं है, हम बिना दर्द के नहीं सीख सकते है।
37 : दोस्त
बनना एक जल्दी का काम है लेकिन दोस्ती एक धीमी गति से पकने वाला फल है।
38 : मन की
ऊर्जा ही जीवन का सार है।
39 : एक अच्छा
इंसान और एक अच्छा नागरिक बनना एक बात नहीं है।
40 : जो एक
अच्छा अनुयायी नहीं बन सकता वो एक अच्छा लीडर भी नहीं बन सकता ,
41 : ख़ुशी ही
जीवन का उद्देशय और अर्थ है।
42 : सभी
आदमियों की प्रकृति ज्ञान चाहने वाली होती है।
43 : पैसों के
लिए की जाने वाली सभी नौकरियां हमारे दिमाग का अवशोषण और अवमूल्यन कर देती है।
44 : अच्छा
लिखने के लिए खुद को एक आम इंसान की तरह व्यक्त करो, लेकिन
सोचो एक बुद्धिमान आदमी की तरह।
45 : युद्ध
जितना पर्याप्त नहीं है, शांति कायम करना ज्यादा महत्त्वपूर्ण है।
46 : बिना दिल
को शिक्षित किए दिमाग को शिक्षित करना, वास्तव
में शिक्षा नहीं है।
47 : दुर्भाग्य
से उन लोगों का पता चलता है जो वास्तव में आपके मित्र नहीं है।
48 : सभी लोगों
में सही का अनुसरण करने का साहस होना चाहिए न की जो स्थापित है उसका।
49 : चरित्र को
अनुनय का सबसे अधिक कारगर साधन कह सकते है।
50 : बुद्धिमान
आदमी बोलता है क्योंकि उसके पास कहने के लिए कुछ होता है जबकि मुर्ख आदमी बोलता है
क्योंकि उसे कुछ कहना होता है।
51 : धैर्य
कड़वा है पर इसका फल मीठा है।
52 : महान आदमी
हमेशा उदास प्रकर्ति के होते है।
53 : प्रकृति
बेकार में कुछ नहीं करती है।
54 : एक दोस्त
आपकी दूसरी आत्मा है।
55 : जितना
ज्यादा आप जानोगे, उतना ज्यादा आप यह जानोगे की आप कुछ भी नहीं जानते।
56 : हम युद्ध
करते है ताकि हम शांति में रह सके।
57 : वो जो
बच्चों को शिक्षित करते हो वो उन्हें पैदा करने वालो से ज्यादा सम्मानीय है क्योकि
वो उन्हें केवल ज़िन्दगी देते है जबकि वो उन्हें सही तरीके से ज़िन्दगी जीने की कला
सीखाते है।
58 : शिक्षित
और अशिक्षित में उतना ही फर्क है जितना की ज़िन्दगी और मौत में।
59 : पचास
दुश्मनो का एन्टीडोट एक मित्र है। (एन्टीडोट – किसी चीज़
के विषैल प्रभाव को ख़त्म करने के लिए दी जाने वाली दवा )
60 : वो जो
एकांत में खुश रहता है या तो एक जानवर होता है या फिर भगवान।
61 : सम्पूर्ण
अपने हिस्सों के कुल जोड़ से ज्यादा है।
62 : दोस्तों
के बिना कोई नहीं जीना चाहता है, भले से उसके पास अन्य सभी चीज़े
हो।
63 : नौकरी में
ख़ुशी, काम में निखार लाती है।
64 : गरीबी
क्रांति और अपराध की जनक है।
65 : जो अपने
डर को जीत लेता है वो सही अर्थों में मुक्त होता है।
66 : दर्शन
(फिलोसोफी) लोगो को बीमार बना सकता है।
67 : एक मात्र
स्थिर अवस्था वो है जिसमे सभी इंसान कानून के समक्ष बराबर है।
68 : साहस सभी
मानवीय गुणों में प्रथम है क्योंकि यह वो गुण है जो आप में अन्य गुणों को विकसित
करता है।
69 : अनुशासन
से स्वतंत्रता आती है।
70 : न तो हमें
कायर होना चाहिए न ही अविवेकी बल्कि हमें साहसी होना चाहिए।
71 : बुद्धिमान
का उद्देश्य ख़ुशी को सुरक्षित रखना नहीं होता है बल्कि दुःख को दूर रखना होता है।
72 : आत्मा कभी
भी मानसिक चित्र के बिना नहीं सोचती है।
73 : भगवान भी
मज़ाक के शौक़ीन होते है।
74 : ख़ुशी आत्म
निर्भरता से सम्बंधित होती है।
75 : युवा
आसानी से धोखा खाते है क्योंकि वो शीघ्रता से उम्मीद लगाते है।
76 : क्रोध एक
उपहार है।
77 : आदमी एक
लक्ष्यों की मांग करने वाला प्राणी है उसकी ज़िन्दगी का तभी अर्थ है जब वो अपने
लक्ष्यों के लिए प्रयास करता रहे और उन्हें प्राप्त करता रहे।
78 : हम बहादुर
कार्यों के द्वारा ही बहादुर बन सकते है।
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